वित्त अधिकारियों के साथ सीएम की बैठक:जीएसटी क्षतिपूर्ति के 10 हजार करोड़ कम मिलने की संभावना, सरकार कर्ज लेने के मॉडल पर कर रही विचार


  • केंद्र सरकार ने राज्यों को यह विकल्प दिया है कि वे आरबीआई से कर्ज ले लें






टैक्स कलेक्शन कम होने के कारण केंद्र सरकार से मिलने वाला जीएसटी कंपनसेशन (क्षतिपूर्ति) इस साल मप्र को 10 हजार करोड़ रुपए तक कम मिल सकता है। इसे देखते हुए मप्र सरकार यह विचार कर रही है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से कर्ज लेने वाले मॉडल पर आगे बढ़ा जाए। ऐसा इसलिए क्योंकि केंद्र सरकार ने राज्यों को यह विकल्प दिया है कि वे आरबीआई से कर्ज ले लें। बाद में सेस से जो पैसा मिलेगा, उससे कर्ज की भरपाई हो जाएगी।




इसको लेकर गुरुवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जीएसटी कंपनसेशन सेस के संबंध में वित्त अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें बताया कि केंद्र सरकार खुद कर्ज इसलिए नहीं ले सकती क्योंकि इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रेटिंग कम हो जाती। इसलिए केंद्र ने राज्यों से कहा है कि वे आरबीआई से कर्ज ले लें। मप्र भी इसके पक्ष में है कि आरबीआई से ही कर्ज लिया जाए।


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