- कोरोना की वजह से मार्च से मेट्रो ट्रेन सर्विस बंद है, 7 सितंबर से शुरू करने की छूट
- यात्री स्टेशन पर पैसे देकर मास्क खरीद सकेंगे, यात्रा के दौरान मास्क पहनना अनिवार्य होगा
कोरोना के बीच 7 सितंबर से शुरू हो रही मेट्रो ट्रेन सर्विस के लिए सरकार ने आज गाइडलाइंस जारी कर दी। अहम बात ये कि दिल्ली में मेट्रो सर्विस दिन में दो शिफ्ट में चलेगी। इसे तीन फेज में शुरू किया जाएगा। बीच में 5 घंटे का ब्रेक होगा, इस दौरान सैनिटाइजेशन का काम किया जाएगा। जिस स्टेशन पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं होगा, वहां मेट्रो नहीं रुकेगी।
यात्रा केवल स्मार्ट कार्ड के जरिए होगी, टोकन के जरिए नहीं। स्मार्ट कार्ड के लिए भी पेमेंट कैशलेस होगा या फिर ऑनलाइन। इसके लिए कैश की सुविधा नहीं होगी। कोरोना की वजह से मेट्रो सर्विस मार्च से ही बंद है। गृह मंत्रालय ने पिछले हफ्ते अनलॉक-4 की गाइडलाइंस जारी करते हुए 7 सितंबर से फेज्ड मैनर में मेट्रो शुरू करने की छूट का ऐलान किया था।
मंगलवार को शहरी मामलों के मंत्रालय के सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने मेट्रो कंपनियों के मैनेजिंग डायरेक्टर्स से चर्चा की थी। इस बीच, महाराष्ट्र सरकार ने सितंबर में मेट्रो नहीं चलाने का फैसला लिया है। राज्य सरकार के मुताबिक, मुंबई लेन-1 और महा मेट्रो को अक्टूबर से शुरू किया जा सकता है। इस पर बाद में फैसला होगा।
दिल्ली मेट्रो के लिए गाइडलाइन
- शुरुआत में मेट्रो स्टेशन के कुछ ही गेट खुले रहेंगे। एक गेट से एंट्री होगी तो दूसरे से एग्जिट।
- केवल स्मार्ट कार्ड से ही यात्रा कर सकेंगे। कैशलेस ट्रांजेक्शन होगा। इसके लिए ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की अनुमति होगी।
- यात्रियों को फेस मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग जैसे नियमों का पालन करना होगा।
- कंटेनमेंट जोन में आने वाले मेट्रो स्टेशन फिलहाल बंद ही रहेंगे।
- यात्री स्टेशन पर भुगतान कर मास्क प्राप्त कर सकेंगे। यात्रा के दौरान मास्क पहनना अनिवार्य होगा।
- सोशल डिस्टेंसिंग के लिए स्टेशन और ट्रेन के अंदर मार्किंग करना होगी।
- यात्रियों को कम से कम सामान के साथ यात्रा करने की सलाह दी गई है।
- एसिंप्टोमैटिक लोगों को ही एंट्री पॉइंट पर थर्मल स्कैनिंग के बाद यात्रा की अनुमति होगी।
- सिंप्टोमैटिक लोगों को पास कोविड केयर सेंटर या अस्पताल जाने की सलाह दी जाएगी। आरोग्य सेतू ऐप को यूज के लिए भी प्रोत्साहित करना होगा।
चेन्नई मेट्रो- 7 सितंबर से मेट्रो ट्रेनें चलने लगेंगी।
- एक कोच में 7 सीटर बेंच पर केवल तीन लोगों को बैठने की अनुमति होगी।
- एक बार में केवल 4 लोगों को एसकेलेटर यूज करने की अनुमति होगी।
- मेट्रो स्टेशन में एंट्री से पहले सभी की थर्मल स्क्रीनिंग से जांच होगी।
- एंट्री के वक्त ही सभी को हाथ सैनिटाइज करना होंगे।
- पीक टाइम पर हर 10 मिनट में मेट्रो ट्रेनें चलेंगी जबकि नॉन पीक टाइम पर हर 15 मिनट में चलेंगी।
- चेन्नई मेट्रो रेल लिमिटेड ने फुट ऑपरेटेड लिफ्ट की व्यवस्था की है। इससे एलिवेटर बटन को नहीं दबाना पड़ेगा।
बेंगलुरु मेट्रो
- 7 सितंबर से मेट्रो ट्रेनें अलग-अलग फेज में शुरू हो जाएंगी।
- सभी को सोशल डिस्टेंसिंग रखना होगी।
- 6 कोच वाली ट्रेन में एक तिहाई लोगों को बैठने की ही मंजूरी है।
- एंट्री गेट पर सभी की थर्मल चेकिंग होगी।
- यात्रियों को केवल ई-टिकट जारी किए जाएंगे।
कोलकाता मेट्रो
- 8 सितंबर से अलग-अलग फेज में मेट्रो ट्रेन चलाई जाएगी।
- सभी को मेट्रो स्टेशन में एंट्री से पहले आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करना होगा।
- टोकन की व्यवस्था नहीं होगी। पहले से जिनके पास स्मार्ट कार्ड होंगे, वही यात्रा कर सकेंगे।
- नया स्मार्ट कार्ड फिलहाल नहीं जारी किया जाएगा।
- स्मार्ट कार्ड को ऑनलाइन रिचार्ज कराया जा सकेगा। जो ऑनलाइन नहीं कर पाते हैं, वो काउंटर पर रिचार्ज करवा सकेंगे।
कोच्चि मेट्रो
- कोच्चि मेट्रो ट्रेनें हर 20 मिनट में चलाई जाएंगी।
- सुबह 7 बजे पहली ट्रेन मिलेगी और रात को 8 बजे आखिरी।
- प्रॉपर वेंटिलेशन के लिए हर स्टेशन पर ट्रेन का कम से कम 20 सेकेंड का स्टॉपेज होगा।
- टर्मिनेटिंग स्टेशन पर ट्रेन कम से कम 5 मिनट रुकेगी और इस बीच ट्रेन का दरवाजा खुला ही रहेगा।
हैदराबाद मेट्रो
- 7 सितंबर से ही ट्रेन पटरियों पर दौड़ने लगेंगी।
- लगातार ट्रेन और स्टेशन को सैनिटाइज किया जाएगा।
- ट्रेन में वेंटिलेशन के लिए स्टेशन पर अधिक समय तक दरवाजे खुले रखे जाएंगे।
- फ्रेश एयर ज्यादा से ज्यादा दी जाएगी।
- सभी को सोशल डिस्टेंसिंग रखना होगी।
जयपुर मेट्रो
- स्टेशन और ट्रेन में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा।
- एक कोच में अधिकतम 50 लोग बैठ सकेंगे।
- रात 10 बजे आखिरी ट्रेन चलेगी।
- सफर के दौरान यात्री रेड क्रॉस लगी सीट पर नहीं बैठ सकेंगे।
- यात्री के लिए मास्क पहने रहना अनिवार्य होगा।
- एंट्री प्वाइंट पर थर्मल स्क्रीनिंग से जांच की जाएगी।
- एसी का तापमान 24 से 28 डिग्री के बीच ही रखा जाएगा।
- लिफ्ट की अपेक्षा सीढ़ी का यूज करना होगा।
- एंट्री गेट पर हैंड सैनिटाइज करना होगा।