किसी भी रिश्ते को दीर्घकाल तक कायम रखने के लिए यह आवश्यक है कि हम यह जानें कि हमारे अंदर ऐसे कौन से गुण हैं जो हमारे साथी हमारे साथ जीवन बिताने पर विवश कर दें। अपना आत्म विश्लेषण कर मैंने पाया कि मेरे अदंर यह निम्न गुण हैं-
ईमानदारी
कर्तव्य, मर्यादा व सत्य का पूर्ण निष्ठा से पालन करना ईमानदारी है। ईमानदारी सर्वश्रेष्ठ नीति है। किसी रिश्ते को दीर्घकाल तक कायम रखने के लिए यह आवश्यक है कि आपसी संबंधों में ईमानदारी रहे। ईमानदार होना लोगों का हम पर विश्वास बनाए रखने में मदद करना है। झूठे लोगों पर कोई जल्दी भरोसा नहीं कर पाता है। ईमानदारी जीवन में हमें सब कुछ उम्मीद के अनुसार देती है। वहीं एक झूठ किसी भी रिश्ते को बर्बाद कर सकता है
स्पष्टवादिता
किसी भी रिश्ते को निभाने के लिए यह आवश्यक है कि रिश्ता दिल से निभाया जाए न कि बोझ समझकर। साथी की अगर कोई बात पसंद नहीं है या उसे समझ नहीं पा रहे हैं तो इस डर से कि अगर मैंने कुछ कहा तो दूसरे को बुरा लगेगे ये सोचने के स्िान पर स्पष्ट रूप से अपनी बात कहकर उस समस्या का समाधान करें। स्पष्ट बात किसी को कुछ क्षण के लिए बुरी लग सकती है। लेकिन सुनने वाला भी यह जानता है कि मन में कुढ़ने की जगह स्पष्ट रूप से बात कह कर समस्या का समाधान कर लेना अधिक अच्छा होता है।
स्वावलंबी व्यक्ति को दूसरे के सहारे की आवश्यकता नहीं रहती। वह अपने प्रयास से सफलता पा लेता है। उसे अपने ऊपर विश्वास रहता है। वह भाग्य के सहारे नहीं रहता है। वह किसी भी कार्य को असंभव नहीं समझता। वरन आगे बढ़ कर हर मुश्किल हरा अपनी मंजिल को पाता है। वह प्रयत्न करना कभी नहीं छोड़ता।